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Tuesday, May 15, 2018

SCIENCE GIST - NCERT- CLASS 6th

                 


SCIENCE  GIST  -  NCERT  - CLASS  6th

  • खाद्य सामग्री में हमारे शरीर के लिए कुछ आवश्यक घटक  होते हैं , यही घटक पोषक  कहलाते हैं। 
  • मुख्य पोषक - कार्बोहाइड्रेट , प्रोटीन ,वसा , विटामिन , खनिज लवण हैं। 
  • हमारे भोज्य पदार्थ मेंपोषक तत्त्व  मुख्य रूप से कार्बोहाइड्रेट , मंड व शर्करा के रूप में होते हैं। 
  • मंड खाद्य सामग्री में तनु आयोडीन मिलाने पर यह नीला या काला  हो जाता है। 
  • प्रोटीन युक्त सामग्री में कास्टिक सोडा व कॉपर सल्फेट मिलाने पर यह बैंगनी हो जाता है। 
  • कार्बोहाइड्रेट की अपेक्षा वसा से हमें अधिक ऊर्जा मिलती है। 
  • कार्बोहाइड्रेट पाया जाता है -  गेहूँ , चावल ,आम , तरबूज , पपीता , आलू , गन्ना  , कंद , मक्का   आदि। 
  • वसा   पाया  जाता  है  -  मूँगफली ,  तिल  ,  मांस  ,  मछली  ,  घी  ,  दूध  ,  अंडा  आदि। 
  • विटामिन बी , विटामिनों का एक समूह है। 
  • विटामिन  ए  --  त्वचा व आँख  स्वस्थ्य  रखता  है। 
  • विटामिन  सी  --  रोग  से लड़ने  में  सक्षम  बनता है। 
  • विटामिन  डी  --  अस्थि  व  दाँतो  को  मजबूत बनता है। 
  • चावल में कार्बोहाइड्रेट  अधिक होता है। 
  • आहारी रेशे ही रुक्षांश कहे जाते हैं। 
  • रुक्षांश दाल ,  आलू  ,  फल ,  सब्जी   आदि में होते हैं। 
  • रुक्षांश बिना पचे हुए भोजन को बाहर निकालने में शरीर की सहायता  करता  है। 
  • चावल व दाल धोने से खनिज लवण व विटामिन अलग हो  जाते हैं। 
  • पकाने  से  विटामिन सी  गर्मी से नष्ट हो जाते है। 
  • लम्बे समय तक पोषक अभाव से होने वाले रोग अभावजन्य रोग कहे जाते हैं। 
  • प्रोटीन की कमी से -- वृद्धि रुकना , चेहरे पर सूजन , बाल सफ़ेद , त्वचा संबंधी बिमारी , पेचिस आदि होते हैं। 
  • रासायनिक पदार्थों से  तैयार तंतु  संश्लिष्ट तंतु कहलाते हैं। 
  • पटसन पादप को पुष्पन अवस्था में काटते हैं। 
  • फ्लैक्स भी एक पादप है जिससे प्राकृतिक तंतु प्राप्त होता है यह नील नदी क्षेत्र में होता है। 
  • ऐसे पदार्थ जिनके पार स्पष्टतः नहीं देखा जा सकता - पारभासी  कहलाते हैं। 
  • मिश्रण में जल मिलाने पर भारी अवयवों का त तली में बैठ जाना   अवसादन  कहलाता है। 
  • फ़िल्टर करना या छानने को ही निस्यंदन कहते हैं। 
  • भूमि पर फैले लता को विसर्पी लता व ढांचे पर चढ़ने वाले  लता को आरोही लता कहा जाता है। 
  • पत्ती जहाँ से तने   से जुड़ती है उसे पर्णवृंत  कहा जाता है। 
  • पत्ती पर शिरा  विन्यास की डिजाइन जाल या समान्तर हो सकती है। 
  • पत्ते प्रकाश की उपस्थिति में मंड का संश्लेषण करते हैं। 
  • पौधों के मुख्य जड़ को मुसला जड़ और छोटी जड़ को पार्श्व जड़ कहते हैं। 
  • जिनमें मुख्य जड़ नहीं होती उनमें झकड़ा जड़  या रेशेदार जड़  होती है। 
  • पुष्प के केंद्र में स्थित भाग को स्त्रीकेसर कहते हैं। 
  • मनुष्य के हाथ की भुजा में  खंदुक  खल्लिका संधि होती है जबकि घुटने में  हिंज संधि होती है। 
  • गर्दन तथा सिर को जोड़ने वाली संधि धुराग्र संधि कही जाती है। 
  • जो हड्डी मुड़  सकती है वह उपास्थि कहलाती है। 
  • किसी अस्थि को गति देने के लिए दो पेशियों को संयुक्त रूप से  कार्य करना पड़ता है। 
  • तिलचट्टे के वक्ष पेशी उसके उड़ने में पैरों को गति देते हैं। 
  • मछली की आकृति धारा रेखीय होती है। 
  • घोंघा पेशीय   पाद से चलता है व मछली अपने शरीर के दोनों तरफ एकांतर वलय बनाकर तैरती है। 
  • सूर्य का प्रकाश व उष्मा भी परिवेश के अजैव घटक  हैं। 
  • नागफनी की पत्ती जैसी आकृति वास्तव में तना है।  इनमे प्रकाश संश्लेषण तने से होता है। 
  • डाल्फिन व व्हेल में गिल नहीं होते ये सिर के नासाद्वार या वातक्षिद्र से श्वसन करते हैं। 
  • 1790 में फ्रांसीसियों ने मीटर पद्धति की खोज की थी। 
  • चुम्बक को गर्म करने या पीटने से वह चुंबकत्व खो देता है 
  • पदार्थों के विगलन व खाद बनाने की प्रक्रिया कम्पोस्टिंग कहलाती है। 
  • केंचुए में दन्त नहीं होते,ये गिजर्ड की सहायता से खाना खाते हैं। 

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