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Thursday, May 17, 2018

CONSTITUTION PART-1 - The Making Of The Constitution of India



  • भारत में  संविधान सभा गठन का विचार 1934 में पहली बार एम.एन. रॉय ने रखा था। 
  •  1935 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने पहली बार भारत के संविधान के निर्माण के लिए आधिकारिक रूप से संविधान सभा के गठन की मांग की। 
  • नेहरू जी ने घोषणा की कि स्वतंत्र भारत के संविधान का निर्माण वयस्क मताधिकार के आधार पर चुनी  गई संविधान सभा द्वारा किया जाएगा और इसमें कोई बाहरी हस्तक्षेप नहीं होगा। नेहरू की इस मांग को सैद्धान्तिक रूप से ब्रिटिश सरकार ने स्वीकार कर लिया , इसे सन 1940 का अगस्त प्रस्ताव कहा जाता है।
संविधान सभा का गठन :-
                     कैबिनेट मिशन योजना द्वारा सुझाए गए प्रस्तावों के तहत नवंबर 1946 में संविधान सभा का गठन हुआ। योजना की विशेषता इस तरह थी -
  1. संविधान सभा की कुल सदस्य संख्या 389 होनी थी। इनमे से 296 सीटें ब्रिटिश भारत और 93 सीटें देसी रियासतों को आवंटित की जानी थीं।  ब्रिटिश भारत को आवंटित की गई 296  सीटों  में 292 सदस्यों का चयन 11 गवर्नरों के प्रांतों और 4 का चयन मुख्य आयुक्तों के प्रांतों से किया जाना था। 
  2. हर प्रान्त व देसी रियासतों को उनकी जनसंख्या के अनुपात में सींटें आवंटित की जानी थी। मोटे तौर पर दस लाख लोगों पर एक सीट आवंटित की जानी थी। 
  3. प्रत्येक ब्रिटिश प्रान्त को आवंटित की गई सीटों का निर्धारण तीन प्रमुख समुदायों के बीच उनकी जनसंख्या के अनुपात में किया जाना था। ये तीन समुदाय थे -मुस्लिम, सिख व सामान्य। 
  4. प्रत्येक समुदाय के प्रतिनिधियों का चुनाव प्रांतीय असेंबली में उस समुदाय के सदस्यों द्वारा किया  जाना था और एकल संक्रमणीय मत के माध्यम से समानुपातिक प्रतिनिधित्व तरीके से मतदान किया जाना था। 
  5. देसी रियासतों के प्रतिनिधित्व का चयन रियासतों के प्रमुखों द्वारा किया जाना था। 

                     संविधान सभा के लिए चुनाव जुलाई -अगस्त 1946 में हुआ।(ब्रिटिश भारत के लिए आवंटित 296 सीटों हेतु )  इस चुनाव में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को 208 ,मुस्लिम लीग को 73 तथा छोटे समूह  स्वतंत्र सदस्यों को 15  सीटें मिलीं। 

संविधान सभा की कार्यप्रणाली :-
            संविधान सभा की पहली बैठक 9 दिसंबर ,1946 को हुई। मुस्लिम लीग ने बैठक का बहिष्कार किया और अलग  पाकिस्तान की मांग पर बल दिया अतः बैठक में केवल 211 सदस्यों ने हिस्सा लिया। फ़्रांस की तरह यहां भी सभा के सबसे वरिष्ठ सदस्य डॉक्टर सच्चिदानंद सिन्हा को सभा का अस्थायी अध्यक्ष चुना गया। बाद में 11 दिसंबर,१९४६ को डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद और एच.सी. मुखर्जी को क्रमशः संविधान सभा का अध्यक्ष और उपाध्यक्ष चुना गया।  सर बी. एन. राय को सभा का संवैधानिक सलाहकार चुना गया। 
  •  13 दिसंबर,1946 को नेहरू जी ने सभा में ऐतिहासिक 'उद्देश्य प्रस्ताव' पेश किया। इसमें संवैधानिक संरचना के ढांचे एवं दर्शन की झलक थी.
  • इस प्रस्ताव को 22 जनवरी,1946  को सर्व सम्मति से स्वीकार कर  लिया गया। इसके परिवर्तित रूप से ही संविधान की प्रस्तावना बनी। 
  • इस प्रकार संविधान सभा स्वतंत्र भारत की पहली संसद बनी।  जब भी सभा की बैठक संविधान सभा के रूप में होती , इसकी अध्यक्षता डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद जी करते, और जब बैठक बतौर विधायिका होती तब इसकी अध्यक्षता जी. वी .मावलंकर करते थे । संविधान सभा 26 नवंबर, 1949 तक इन दोनों रूपों में कार्य करती रही। 
  • सभा ने मई 1949 में राष्ट्र्मंडल में भारत की सदस्यता का सत्यापन किया। 
  • इसने २२ जुलाई ,१९४७को राष्ट्रीय ध्वज अपनाया। 
  • इसने २४ जनवरी ,१९५० को राष्ट्र गान अपनाया। 
  • इसने २४ जनवरी ,१९५० को राष्ट्रीय गीत अपनाया। 
  • इसने २४ जनवरी , १९५० को डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद जी को भारत के पहले राष्ट्रपति  में चुना। 
2 साल, 11 माह और  18 दिनों में संविधान की कुल 11 बैठकें हुई।  संविधान निर्माताओं ने लगभग 60 देशों के संविधान का अवलोकन किया और इसके प्रारूप पर 114 दिन विचार हुआ।  संविधान के निर्माण पर लगभग 64 लाख का खर्च आया।    
          24 जनवरी 1950 को संविधान सभा की अंतिम बैठक हुई। इसके इसके बाद सभा ने 26 जनवरी ,1950 से 1951 -52 में हुए आम चुनावों के बाद बनने वाली नई संसद के निर्माण तक भारत की अंतरिम संसद के रूप में काम किया। 
संविधान सभा की समितियां :-
      संविधान निर्माण से संबंधित विभिन्न कार्यों के लिए सभा में 8 बड़ी समिति व कई छोटी समितियां गठित की गई थी। 
  बड़ी समितियां -
             1. संघ शक्ति समिति            - जवाहरलाल नेहरू 
             2. संघीय संविधान समिति      -जवाहरलाल नेहरू  
             3. प्रांतीय संविधान समिति      -सरदार पटेल 
             4. प्रारूप समिति                   - डॉ बी. आर. अंबेडकर 
             5. मौलिक अधिकारों व अल्पसंख्यकों संबंधी परामर्श समिति   -  सरदार पटेल 
                   इस समिति की दो उप समितियां थीं -
                    क. मौलिक अधिकार उप समिति - जे. बी. कृपलानी 
                    ख. अल्पसंख्यक उपसमिति  - एच. सी. मुखर्जी 
            6. प्रक्रिया नियम समिति         -  डॉ राजेंद्र प्रसाद 
            7. राज्यों के लिए समिति        - जवाहर लाल नेहरू 
            8. संचालन समिति                - डॉ राजेंद्र प्रसाद 

 महत्वपूर्ण  छोटी समितियां -
           1. संविधान सभा के कार्यों की समिति - जी.वी.मावळंकर 
           2. कार्य संचालन समिति                    - डॉ. के. एम. मुंशी 
           3 . सदन समिति                               -     बी. पट्टाभिसीतारमैया 
           4. राष्ट्र ध्वज संबंधी तदर्थ समिति        - डॉ.राजेंद्र प्रसाद 

प्रारूप समिति -
               इसका गठन 29 अगस्त, 1947 को हुआ था। इसमें 7 सदस्य थे , जिनके नाम इस प्रकार हैं -
  1.  डॉ  बी. आर. अंबेडकर(अध्यक्ष )
  2. एन गोपालस्वामी आयंगार 
  3. अल्लादि कृष्णस्वामी अय्यर 
  4.  डॉ. के. एम. मुंशी
  5. सैय्यद  मोहम्मद सदुल्लाह 
  6. एन. माधव राव 
  7. टी.टी. कृष्णामाचारी 
डॉ.  बी. आर. अंबेडकर ने सभा में ४ नवंबर,1948  को संविधान का अंतिम प्रारूप पेश किया। इस बार संविधान पहली बार पढ़ा गया। 
26 नवंबर,1949 को अपनाए गए संविधान में प्रस्तावना ,395  अनुच्छेद और 8 अनुसूचियाँ थीं।   

संविधान का प्रवर्तन :-
           26  नवंबर , 1949  को नागरिकता , चुनाव , तदर्थ संसद , अस्थायी व परिवर्तन शील नियम तथा छोटे शीर्षकों से जुड़े कुछ प्रावधान अनुच्छेद 5,6,7 ,8 ,9 ,60 324 ,366, 367 ,379 ,380 ,388 ,391 ,392 और 393 स्वतः ही लागू हो गए। 
         संविधान के शेष प्रावधान 26  जनवरी ,1950 को लागू हुए , इसे गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसी दिन 1930 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के लाहौर अधिवेशन(दिसंबर 1929 ) में पारित हुए संकल्प के आधार पर पूर्ण स्वराज दिवस मनाया गया था। 

       संविधान के शुरुआत के साथ ही भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम ,1947  और भारत शासन अधिनियम ,1935 को समाप्त कर दिया गया हालाँकि एबॉलिशन ऑफ़ प्रिवी काउंसिल एक्ट,1949  लागू  रहा।   

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